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What is Organ and Tissue Donation?

Organ donation means that a person, during his lifetime, pledges that after his/her death, organs from his/her body can be removed and transplanted to save or improve the lives of others in need.

अंग और ऊतक दान क्या है?


अंग दान का मतलब है कि कोई व्यक्ति अपने जीवनकाल में यह संकल्प लेता है कि उसकी मृत्यु के बाद उसके शरीर से अंग (जैसे हृदय, गुर्दा, यकृत आदि) और ऊतक (जैसे त्वचा, कॉर्निया) निकाले जा सकते हैं और उन्हें उन लोगों को प्रत्यारोपित किया जा सकता है जिन्हें उनकी ज़रूरत है। इससे दूसरों की ज़िंदगी बचाई जा सकती है या बेहतर बनाई जा सकती है।

What is Transplantation?


Transplantation of human cells, tissues or organs saves many lives and restores essential functions where no alternatives are available. It is a medical procedure in which healthy cells, tissues, or organs are removed from a donor and surgically placed into a patient (recipient) to replace damaged or failing body parts.

प्रत्यारोपण (Transplantation) क्या है?


मानव कोशिकाओं, ऊतकों या अंगों का प्रत्यारोपण कई लोगों की ज़िंदगी बचाता है और शरीर की ज़रूरी क्रियाओं को फिर से ठीक करता है, खासकर तब जब कोई और विकल्प उपलब्ध नहीं होता।
यह एक चिकित्सीय प्रक्रिया है जिसमें स्वस्थ कोशिकाएँ, ऊतक या अंग किसी दाता (Donor) से निकालकर शल्यक्रिया द्वारा किसी ग्राही (Recipient) के शरीर में लगाए जाते हैं। इसका उद्देश्य खराब या काम न करने वाले अंगों को बदलना और रोगी को नया जीवन देना होता है।

What is Organ and Tissue Donation?


Organ donation means that a person during his lifetime pledges that after his/her death, organs from his/her body can be removed and transplanted to save or improve the lives of others in need.

अंग और ऊतक दान क्या है?


अंग दान का मतलब है कि कोई व्यक्ति अपने जीवनकाल में यह संकल्प लेता है कि उसकी मृत्यु के बाद उसके शरीर से अंग (जैसे हृदय, गुर्दा, यकृत आदि) और ऊतक (जैसे त्वचा, कॉर्निया) निकाले जा सकते हैं और उन्हें उन लोगों को प्रत्यारोपित किया जा सकता है जिन्हें उनकी ज़रूरत है। इससे दूसरों की ज़िंदगी बचाई जा सकती है या बेहतर बनाई जा सकती है।

What is Transplantation?


Transplantation of human cells, tissues or organs saves many lives and restores essential functions where no alternatives are available. It is a medical procedure in which healthy cells, tissues, or organs are removed from a donor and surgically placed into a patient (recipient) to replace damaged or failing body parts.

प्रत्यारोपण (Transplantation) क्या है?


नव कोशिकाओं, ऊतकों या अंगों का प्रत्यारोपण कई लोगों की ज़िंदगी बचाता है और शरीर की ज़रूरी क्रियाओं को फिर से ठीक करता है, खासकर तब जब कोई और विकल्प उपलब्ध नहीं होता।
यह एक चिकित्सीय प्रक्रिया है जिसमें स्वस्थ कोशिकाएँ, ऊतक या अंग किसी दाता (Donor) से निकालकर शल्यक्रिया द्वारा किसी ग्राही (Recipient) के शरीर में लगाए जाते हैं। इसका उद्देश्य खराब या काम न करने वाले अंगों को बदलना और रोगी को नया जीवन देना होता है।

कब हो सकता है अंगदान ?


जब ब्रेन डेथ हो जाये और क्लीनिकल डेथ  कुछ समय में होने वाली हो उस समय में शासकीय कमेटी की देख रेख में परिजनों की लिखित सहमति से अंगदान लिया जा सकता है, समस्त प्रक्रिया शासन की कड़ी निगरानी में सम्पन्न की जाती है।
इसके लिये भारत सरकार की संस्था (NOTTO) नेशनल ऑर्गन एण्ड टिशू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन अपनी राज्य स्तरीय कमेटी को निर्देशित करती है और यह कमेटी स्थानीय शासकीय टीम की मदद से अंगदान प्राप्त करती है। अंगदान में नेत्रदान संकल्प भी शामिल है।

एक अंगदान से आठ लोगों को मिलती है जिन्दगी

एक स्वस्थ व्यक्ति के अंगदान से दो आँखें, दो किडनी, हृदय, यकृत अग्नाशय और फेफड़े आठ लोगों को नया जीवन दे सकते हैं, इन अंगों का जीवनकाल  बहुत कम होने के कारण इन्हें तत्काल निर्धारित अस्पताल तक ले जाने की प्रशासन द्वारा व्यवस्था की जाती है, केवल हमारी आँख ही सात घण्टे तक जीवित रह पाती है इस कारण नेत्रदान आसान है।

किनका नहीं हो सकता अंगदान?

गंभीर बीमारी जैसे कैंसर, हेपेटाइटिस बी, सेप्टीसीमिया,  कोविड, एच आई वी से पीड़ित व्यक्तियों का अंगदान अथवा देहदान नहीं किया जा सकता ।